22 October 2015

ममता भाटिया : सिर्फ एक महीने में छुआ आसमान और बनी लडभड़ोल वासियों की नई उम्मीद

लडभड़ोल : पंचायती राज चुनाव का शोर अब पूरी तरह से थम चुका है। पिछले एक महीने से लडभड़ोल क्षेत्र के हर गांव की सरकार बनाने के लिए राजनीति चरम पर थी लेकिन अब प्रधान व उपप्रधान के साथ बीडीसी तथा जिला परिषद सदस्य का चुनाव भी हो चुका है। लडभड़ोल तहसील क्षेत्र को इस बार इतिहास में सबसे अधिक युवा प्रधान, बीडीसी व जिला परिषद मिले है।

एक महीने में पाया मुकाम
ममता भाटिया। एक महीना पहले इस नाम से शायद ही कोई वाकिफ था। वक़्त की नजाकत देखिये सिर्फ एक महीने में यह नाम लडभड़ोल क्षेत्र के हर व्यक्ति की जुबान में है। लांगना वार्ड से जिला परिषद का चुनाव जीत चुकी ममता भाटिया भराड़पट्ट गांव की रहने वाली है। इस चुनाव में वह कई वरिष्ठ उम्मीदवारों पर भारी पड़ी हैं। एक बेहद साधारण किसान परिवार की यह बेटी इस मुकाम तक पहुंचेगी, इसका किसी को अनुमान नहीं था।

बैजनाथ कॉलेज से की हैं पढाई
भराड़पट्ट गांव निवासी खेम सिंह के परिवार में जन्मी ममता भाटिया मात्र 24 वर्ष की आयु में जिला परिषद चुनी गयी हैं। लडभड़ोल के इतिहास में उनका नाम सबसे युवा जिला परिषद के सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा। ममता भाटिया ने बैजनाथ कॉलेज से बीए की पढ़ाई की हैं। इस जिला परिषद चुनाव में उन्हें कुल 7340 वोट मिले हैं। आप यह खबर लडभड़ोल क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय वेबसाइट लडभड़ोल.कॉम पर पढ़ रहे हैं।

जीत पर दी प्रतिक्रिया
चुनाव जितने के बाद ममता भाटिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने उन सभी लोगों तथा मतदाताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। ममता भाटिया ने कहा की उन्हें पूरी उम्मीद थी की जनता इस बार पढ़े लिखे उम्मीदवार को चुनेगी और हुआ भी वही जिसकी उन्हें उम्मीद थी। ममता ने कहा की उनकी उम्मीद तो पूरी हो चुकी हैं अब अब वह क्षेत्रवासियों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी।





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