22 October 2015

ठगी की हद : लडभड़ोल क्षेत्र में मृत व्यक्ति का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर मांगे जा रहे पैसे

लडभड़ोल : यदि आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है। अगर आपको किसी परिचित व्यक्ति की तरफ से ऐसा कोई मैसेज आए कि उसे तत्काल पैसों की जरूरत है तो हड़बड़ी में आकर उस व्यक्ति की मदद करने से पहले ये जांच लें कि मैसेज करने वाला आपका परिचित है भी या नहीं।

लगातार बढ़ रहे ऐसे मामले
पुरे प्रदेश सहित लडभड़ोल क्षेत्र में फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर जालसाजों के ठगी के मामले लगातार बढते जा रहे हैं। ये ठग किसी भी व्यक्ति के फेसबुक फोटो डाउनलोड कर उसी नाम से दूसरा अकाउंट बनाकर रिश्तेदारों व परिचितों को फ्रेंड लिस्ट में शामिल कर पैसे मांगते है। ऐसा ही एक और मामला शनिवार को लडभड़ोल में सामने आया। हालाँकि लडभड़ोल क्षेत्र के जिस व्यक्ति का यह फ़र्ज़ी अकाउंट बनाया गया है उसका निधन लगभग 1 वर्ष पहले ही हो चुका है।

मृत व्यक्ति का बना दिया फ़र्ज़ी अकाउंट
लडभड़ोल.कॉम से बात करते हुए एक व्यक्ति ने बताया की उसके चित परिचित व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आयी जिनका निधन कुछ समय पहले हो चुका है। हालाँकि उन्होंने सिर्फ जांच पड़ताल करने के लिए रिक्वेस्ट मंजूर कर ली। रिक्वेस्ट मंजूर होते ही उस अकाउंट से मजबूरी बताते हुए 20 हजार रुपये मांगे गए। मेसेज करने वाले ठगों ने लिखा कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है, वह कल सुबह वापस लौटा देगा। साइबर ठग रुपये लेने के लिए PayTM का नंबर भी देते हैं।

परिजनों को किया सूचित
व्यक्ति ने अपने उस चित-परिचित व्यक्ति के परिजनों को इस फ़र्ज़ी अकाउंट के बारे में जानकारी दी। परिजनों ने कहा की यह अकाउंट फ़र्ज़ी है और उनका इससे कोई लेना देना नहीं है। लडभड़ोल क्षेत्र में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस तरह के सैकड़ों मामले पहले भी सामने आ चुके है लेकिन अभी तक पुलिस में किसी ने रिपोर्ट दर्ज़ नहीं करवाई है।

इससे बचा जा सकता है। कैसे ?
आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। अच्छी बात है। मगर हर जगह कुछ कायदे जरूरी हैं। किसी को भी बिना जाने पहचाने फ्रेंडलिस्ट में ऐड करने से बचें। हो सकता है कि किसी अकाउंट से हैकर आप पे नजर रखना चाहता हो। आपके ऐड करते ही आपका ज्यादातर डाटा उसके हाथ लग सकता है। इसके बाद वो चाहे तो आपके डाटा से आपका फेक अकाउंट बनाए या आपका डाटा किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर पब्लिक कर सकता है। यही नहीं आपकी तस्वीरों का दुरपयोग भी कर सकता है।

एक से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से परहेज करें। कई लोगों की आदत होती है एक से अधिक अकाउंट बनाने की, पर्सनल यूज के लिए अलग अकाउंट और प्रोफेसनल यूज के लिए अलग। ऐसे में लोगों का आप पर यकीन कम हो जाता है। इस बीच अगर कोई स्कैमर आपका तीसरा अकाउंट बनाकर सामने आ जाए तो दूसरे उसका फर्क नहीं कर पाएंगे। नतीजन आप बली का बकरा बनेंगे।

अगर आपको किसी दोस्त की तरफ से ऐसा कोई मैसेज आए कि उसे अर्जेंट पैसों की जरूरत है तो हड़बड़ी में आकर दोस्त की मदद करने से पहले ये जांच लें कि मैसेज करने वाला आपका दोस्त है भी या नहीं। फिर चाहे मैसेज दोस्त के नाम के किसी नए अकाउंट से भेजा गया हो या फिर दोस्त के ही अकाउंट से। हो सकता है उसका अकाउंट हैक हुआ हो और कोई आपको ठगना चाह रहा हो। ऐसे में दोस्त से या उसके किसी संबंधी से डायरेक्ट बात करके सब कुछ पता कर लें।

एक और बात जब आपसे डिजिटली पैसे मांगे जाएं, फिर चाहे वो पेटीएम अकाउंट हो या गूगल पे या कुछ और. आप सर्च करके उस नंबर का पता कर सकते हैं। ट्रू कॉलर जैसे एप से भी नंबर की जानकारी जुटाई जा सकती है। अगर जरा भी लगे कि नंबर किसी और का है तो पैसे ट्रांसफर न करें।

जब ये पक्का हो जाए कि आपको चूना लगाया जा रहा है तो चुप्पी साधने की बजाय लोगों तक इस बात को शेयर करें.। ठीक वैसे ही जैसे आप बाकी कि जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। इसके अलावा आप मामले की साइबर रिपोर्ट भी कर सकते हैं। ये पहला मामला नहीं है जब स्कैमर इस तरह से एक्टिव हुए हैं। इस तरह के मामले हफ्ते दस दिन में सामने आते ही रहते हैं।

आप यह खबर लडभड़ोल क्षेत्र की नंबर 1 व सबसे लोकप्रिय वेबसाइट लडभड़ोल.कॉम पर पढ़ रहें है।

नोट : ऊपर दिखाई गया फोटो में चैट करने के यह स्क्रीनशॉट ठगी की पुरानी घटनाओं के भी है।





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