22 October 2015

इस मंदिर के नीचे बने तालाब की वजह से बदला था चुल्ला प्रोजेक्ट की सुरंग का रास्ता, पढ़िए कहानी

लड़भड़ोल: हिमाचल देवों की भूमि है। यहाँ के हर मंदिर लोगों की आस्था के प्रतीक हैं। लडभड़ोल क्षेत्र में ऐसे अनेक मंदिर स्थित है जिनके साथ एक कहानी जुड़ी हुई है। लेकिन लडभड़ोल क्षेत्र के भी कई मंदिर उपेक्षा का शिकार हैं। ऐसे समय में राकेश राणा ने मंदिरों के इतिहास और संस्कृति से लोगों को रूबरू करवाने का बीड़ा उठाया है. राणा का यह प्रयास सराहनीय है। राकेश राणा लडभड़ोल क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं। उनका कहना है कि लोगों के सहयोग से उनका यह प्रयास अवश्य ही सफल होगा।

त्रेम्बली पंचायत में स्थित है मां सुरगणी
लडभड़ोल.कॉम से बात करते हुए राकेश राणा ने बताया की कोलंग पंचायत में एक प्राचीन माता का मंदिर है। इस मंदिर को सुरगणी मां के नाम से जाना जाता है। राकेश राणा ने कहा की उनके पूर्वज बताते थे की जाता है की इस मंदिर की पहाड़ी के नीचे एक बहुत बड़ा तालाब है। इस तालाब के आकार का अनुमान लगाना मुश्किल है। सवाल यह है की पूर्वजों को बिना किसी टेक्नोलॉजी के कैसे पता था की यहाँ पर पानी से भरा तालाब है। ग्रामीणों को यह बात बहुत रहस्यमी लगती थी।

सही थी बुजुर्गों की जानकारी
पानी से भरे तालाब की इस बात पर मुहर आज की टेक्नोलॉजी द्वारा भी लगाई गयी है। ग्रामीणों ने कहा की जब निर्माणधीन चुल्ला प्रोजेक्ट का मछयाल से खददर तक सर्वे हो रहा था। जब इस प्रोजेक्ट का काम मछयाल से खद्दर तक लिए सुरंग का निर्माण होना था। यह सुरंग सुरगनी माता के मंदिर के नीचे से होकर गुजरनी थी। लेकिन जब इस प्रोजेक्ट के इंजनियर सर्वे करने पहुंचे तो उन्होंने पाया की मंदिर के आसपास मौजूद जमीन के नीचे भारी दल-दल और पानी है। इसी कारण इस सुरंग का रास्ता थोड़ा सा बदल दिया गया था। ग्रामीणों का कहना था की इससे यही प्रतीत होता है की हमारे बजुर्गो की जानकारी बिलकुल सही और सटीक थी।

मगर अस्तित्व खोने की कगार पर है मंदिर
माता सुरगणी के अनोखे चमत्कार को देखकर आज की नई युवापीढ़ी भी सुरगणी माता में सच्ची श्रद्धा रखती है। लेकिन वर्तमान में इस मंदिर की स्थिति खराब है। मन्दिर जाने के लिए अभी सिर्फ पैदल रास्ता है और यह कच्चा रास्ता अपना अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच चुका है। कुछ दिन पहले ही वर्तमान विधायक प्रकाश राणा ने मन्दिर में जाकर पूजा-अर्चना की थी। ग्रामीणों ने कहा की विधायक प्रकाश राणा ने जल्द कमेटी बनाकर मन्दिर को सुन्दर बनाने के लिये सहायता करने का आश्वासन दिया है।

किसी और मंदिर की भी करेंगे सैर
लडभड़ोल तहसील में सुरगणी माता मंदिर जैसे कई देवी-देवाताओं के मंदिरों हैं, जिनमें इतिहास छुपा हुआ है। इनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। ये अंग्रेजों के समय से लेकर महाभारत का अतीत भी अपने अंदर समाए हुए हैं। हम जल्दी ही आपको ऐसे ही किसी दूसरे मंदिर की सैर पर ले चलेंगे तब तक आप लडभड़ोल.कॉम पर खबरे पढ़ते रहिये।

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राकेश राणा




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