22 October 2015

गर्मियां पड़ते ही लडभड़ोल क्षेत्र के कई गावों में पानी की किल्ल्त, हफ्ते बाद टपक रहे नल

लडभड़ोल : गर्मियों का सीजन शुरू होते ही तहसील लडभड़ोल क्षेत्र के अधिकतर गांवों में पेय जल संकट गहराने लगता है। लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिये इधर-उधर के जल स्त्रोतों का रूख अपनाना पड़ता है। आईपीएच विभाग के कर्मचारियों को भी पेयजल आपूर्ति के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

मुख्यालय लडभड़ोल में भी परेशानी
तहसील मुख्यालय के स्थानीय गांव व बाजार के लोग भी इस किल्लत से अछूते नही हैं। आलम यह है कि जब लोगों के नलकों में कई-कई दिनों तक पानी की बूंद तक नही टपकती है तो लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। लडभड़ोल क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाग के जटेहड़, गृहपट्ट, काला अम्ब आदि गावों के लोगों को पिछले कई दिनों से पेय जल समस्या से जूझना पड़ रहा है।

कर्मा पड़ रहा दूरदराज के स्त्रोतों का रुख
लोगों को अपनी अैर अपने पशुओं की प्यास बुझाने के लिये दूरदराज के जल स्त्रोतों का रुख करना पड़ रहा है। क्षेत्र के विनय कुमार, अजय कुमार, शेर सिंह, दलीप सिंह, ज्ञान चंद, राम जर दास, दूलो राम, ज्योति, आदि ने बताया कि पांच से छह दिन के बाद नलकों में थोड़ा बहुत पानी आता है जो पर्याप्त मात्रा से बहुत कम है। विभागीय अधिकारियों को बार-बार सूचित करने पर समस्या का समाधान नही हो पा रहा जिससे लोगों की पानी की समस्या आए दिन बढ़ती ही जा रही है।

पंचायत में हुई जोरदार चर्चा
पानी की समस्या से जुझ रहे उकत लोगों ने विभाग से सूचारु रुप से पेयजल आपूर्ति करने की गुहार लगाई है। उधर बाग पंचायत में सोमवार को हुई ग्राम सभा में पंचायत प्रधान सकीना देवी, उप प्रधान राजीव खान, पार्ड पंच अजय कुमार, शशी बाला, शारदा देवी, विन्ता देवी व आशा देवी सहित महिला मंडल कराल की प्रधान गद्दो देवी, महिला मंडल तंसाल की प्रधान ईन्द्रा देवी, महिला मंडल बाग की प्रधान रिनू देवी, महिला मंडल गंदेहड़ की प्रधान सबना देवी और सभा में मौजूद महिलाओं व पुरुषों ने नेय जल समस्या को लेकर पुरजोर से चर्चा की और विभाग से पेयजल आपूर्ति को सूचारु ढ़ंग से बहाल करने की मांग की।

अवगत करवाने पर भी नहीं हुआ समाधान
बाग पंचायत के उप प्रधान राजीव खान ने बताया कि आईपीएच विभाग के अधिकारियों को समस्या के बारे में अवगत करवाने पर भी काई हल नही हो पाया है। खान ने बताया कि क्षेत्र की चार पंचायतों बाग, मतेहड़, गोलवां व रोपड़ी के करीब दो दर्जन गावों के लोगों को जिस टैंक से पानी मुहैया करवाया जाता है वो टैंक जंगल में बना हुआ है और दुख की बात ये है कि टैंक पूरी तरह से खुला होने के कारण उसमे कभी भी कोई जंगली जानवर या जहरीला जीव जन्तु गिर सकता है इस बारे मे भी विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है।

शुद्ध पानी उपलब्ध करवाने की गुहार
उप प्रधान राजीव खान ने यह भी बताया कि लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध करवाने के लिये करीब दो दशक पहले जो विभाग ने लाखों रुपये की लागत से फिल्टर बैड बनाए थे वो आज तक भी चालू नही हो पाए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने आईपीएच विभाग और प्रदेश सरकार से टैंक की सफाई करवाने उसे ढ़कने तथा फिल्टर बैड को चालू करके उससे पानी मुहैया करवाने की मांग की है ताकि लोगों साफ व शुद्ध पानी मिले और समस्याओं का सामना न करना पड़े।

विभाग ने कहा व्यर्थ न गवाएं पानी
उधर आईपीएच विभाग के स्थानीय सहायक अभियंता एस के नाग से इस सम्बंध में बात की तो उन्होने बताया कि टैंक को वायर मैस (तारों के जाले) से ढ़का हुआ है और लोगों को फिल्टर बैड के माध्यम से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। नाग ने कहा कि भारी गर्मी के कारण जल स्त्रोतों का जल स्तर काफी कम हो जाने से कुछ दिक्कतें उत्पन्न हई हैं जिसका समाधान करने में विभाग मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है। उन्होने क्षेत्र की जनता से अनील की कि वे जल को व्यर्थ ना बहाएं और विभागीय कर्मचारियों का सहयोग करें।





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